Home चंडीगढ़ महानगर के Civil Hospital में महिला से बलात्कार, मामला आपके भी उड़ा देगा होश

महानगर के Civil Hospital में महिला से बलात्कार, मामला आपके भी उड़ा देगा होश

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महानगर के Civil Hospital में महिला से बलात्कार, मामला आपके भी उड़ा देगा होश

जालंधर, 12 अगस्त |  कोलकाता के सरकारी अस्पताल परिसर में महिला डाक्टर के साथ बलात्कार और आरोपी द्वारा उसकी हत्या करने का मामला अभी शांत नहीं हुआ था। इसी बीच जालंधर के सिविल अस्पताल परिसर में भी एक शादीशुदा महिला से बलात्कार का मामला सामने आया है। महिला द्वारा शोर मचाने पर घटना का खुलासा हुआ जिसके बाद थाना 4 के एस.एच.ओ. हरदेव सिंह पुलिस पाटी सहित सिविल अस्पताल पहुंचे। आरोपी की पहचान के लिए मैडीकल सुपरिंटैंडैंट दफ्तर में लगे सी.सी.टी.वी. कैमरों की फुटेज चैक की गई। इस दौरान एस.एच.ओ. के साथ सीनियर मैडीकल आफिसर डा. वरिंद्र कौर, डा. परमजीत सिंह भी मौजूद थे। हालांकि घटना के बाद अस्पताल में हड़कम्प मच गया।

जानकारी के मुताबिक करीब 25 वर्षीय महिला मनप्रीत (काल्पनिक नाम) शादीशुदा है और उसके 2 बच्चे भी हैं और वह नकोदर के पास एक गांव में रहती है। महिला की मां बीमार है और वह सिविल अस्पताल में उपचाराधीन है। महिला के मुताबिक दोपहर करीब 2 बजे वह सीढियों से नीचे उतर रही थी। इसी बीच एक व्यक्ति उसे धक्के से बैसमैंट में ले गया। उसके साथ मारपीट कर दुष्कर्म किया। उक्त व्यक्ति ने उसके गले को कपडे़ से भी दबाया और उसका मोबाइल फोन ले गया। इसके बाद करीब 2 बजे वह चीखती हुई बैसमैंट से बाहर निकली और अस्पताल में मौजूद सुरक्षा कर्मचारियों को पुरी बात बताई। महिला का कहना है कि उसके साथ बलात्कार करने वाले को सामने आने पर वह पहचान सकती है। थाना 4 के एस.एच.ओ. हरदेव सिंह का कहना है कि पहले सूचना पुलिस के पास आई थी कि महिला के साथ बलात्कार हुआ है, लेकिन जैसे ही पुलिस ने महिला को ब्यान दर्ज करने को कहा तो उसने साफ मना कर दिया।

एम.एस. ने सुरक्षा कर्मचारियों को जारी किए आदेश
सिविल अस्पताल की मैडीकल सुपरिंटैंडैंट (एम.एस) डा. गीता ने घटना घटित होने के बाद देर शाम तक अपने आफिस में मौजूद रही। पूरे मामले की जानकारी हासिल करने के बाद सुरक्षा कर्मचारियों को नए आदेश जारी किए ताकि अस्पताल की सुरक्षा यकीनी बनाए जा सके। डा. गीता ने कहा कि यदि सुरक्षा के दौरान कोई समस्या उन्हें पेश आती है तो वह उनके नोटिस में मामला लाए ताकि वह समस्या का हाल कर सके। अस्पताल की सुरक्षा में किसी प्रकार की सेंध नहीं लगनी चाहिए।