नई दिल्ली, 11 जुलाई | NEET UG में गड़बड़ी को लेकर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई होनी है। CBI ने कोर्ट में NEET पेपर लीक केस में अबतक हुई जांच की रिपोर्ट सौंप दी है। इससे एक दिन पहले केंद्र सरकार और NTA ने 10 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर किया।
NTA ने हलफनामे में कहा कि पेपर लीक का जो वीडियो टेलीग्राम पर वायरल हुआ था, वो फेक है।
सुनवाई शुरू होने से पहले एक वकील ने कोर्ट में NTA से कैंडिडेट्स की ओरिजिनल OMR शीट प्रेजेंट करने को कहा। इस पर CJI चंद्रचूड़ ने कहा कि केस की सुनवाई तक इंतजार करें।
CBI ने कहा- UGC NET क्वेश्चन पेपर की वायरल फोटो फेक है
CBI की जांच रिपोर्ट में ये पता चला है कि सोशल मीडिया पर UGC NET एग्जाम क्वेश्चन पेपर की फेक तस्वीरें वायरल की गई थीं।
शिक्षा मंत्रालय ने 19 जून को एग्जाम के ठीक एक दिन बाद UGC NET एग्जाम कैंसिल कर दिया था। केंद्र सरकार ने पेपर लीक के शक की वजह से ये कदम उठाया था। टेलीग्राम पर एग्जाम के क्वेश्चन पेपर की फोटो मिली थी। इसकी जांच CBI को सौंपी गई थी। अब जांच के बाद CBI ने दावा किया है कि वायरल फोटो फेक हैं।
केंद्र ने कहा- NEET रिजल्ट में कोई गड़बड़ी नहीं, रीटेस्ट से छात्रों पर बोझ बढ़ेगा
केंद्र ने अपने एफिडेविट बताया कि IIT मद्रास ने NEET UG के रिजल्ट का डेटा एनालिसिस किया है। इसके अनुसार परीक्षा में बड़े पैमाने पर धांधली के सबूत नहीं मिले हैं। न ही किसी एक एरिया के उम्मीदवारों को फायदा पहुंचाया गया है। इसलिए हम दोबारा परीक्षा नहीं करवाना चाहते। वहीं, NEET काउंसलिंग जुलाई के तीसरे हफ्ते से शुरू होगी। ये चार राउंड में की जाएगी।
सरकार ने कहा कि बेबुनियाद शक के आधार पर रीटेस्ट करवाने से लगभग 24 लाख छात्रों पर बोझ पड़ेगा, जो 5 मई को परीक्षा में शामिल हुए थे। अगर किसी कैंडिडेट को परीक्षा में कोई फायदा मिला होगा, तो उसकी काउंसलिंग किसी भी राउंड में या उसके बाद भी रद्द कर दी जाएगी।
NTA ने कहा- NEET में कुछ एग्जाम सेंटर्स पर गड़बड़ी हुई
NEET परीक्षा आयोजित करने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने अपने हलफनामे में बताया कि राष्ट्रीय, राज्य और शहर स्तर पर NEET-UG 2024 में मार्क्स डिस्ट्रीब्यूशन का विश्लेषण किया गया है।
NTA ने कहा कि सिर्फ पटना और गोधरा के सेंटर्स में गड़बड़ी हुई है। इसलिए पूरी परीक्षा को रद्द नहीं किया जाना चाहिए। यहां परीक्षा देने वाले कैंडिडेट्स के रिजल्ट की जांच की गई है, ताकि ये पता चल सके कि गड़बड़ी का असर कितना हुआ है। जांच में पता चला कि ऐसे सेंटर्स से किसी भी कैंडिडेट ने असामान्य तौर पर बहुत हाई स्कोर नहीं किया है। वहीं, इन सेंटर्स के कैंडिडेट्स का स्कोर देश के नेशनल एवरेज स्कोर से भी कम है।


