Sunday, August 23, 2026
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पंजाब कांग्रेस नेता बाजवा की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट ने 22 अप्रैल तक रोक लगाई, मामले पर कोई सार्वजनिक बयान नहीं देने को कहा

चंडीगढ़16 अप्रैल। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने बुधवार को पंजाब सरकार को निर्देश दिया कि वह कांग्रेस नेता और विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा को उनके “पंजाब में 50 बम पहुंच चुके हैं” वाले बयान के सिलसिले में 22 अप्रैल को होने वाली अगली सुनवाई तक गिरफ्तार न करे। बाजवा को इस मामले के संबंध में कोई सार्वजनिक बयान न देने को भी कहा गया है। बाजवा ने अपने बयान को लेकर अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग करते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया था। सुनवाई के बाद पंजाब के पूर्व महाधिवक्ता एपीएस देओल, जो बाजवा के वकील हैं, ने कहा कि अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह अगली सुनवाई तक बाजवा को गिरफ्तार न करे। उन्होंने कहा, “न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने याचिका पर सुनवाई की, जिसमें पंजाब सरकार से 22 अप्रैल तक जवाब मांगा गया और अगली सुनवाई तक उन्हें गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण देने का आदेश दिया गया। हमने एफआईआर को चुनौती दी है और राज्य से धाराओं की स्थिरता पर याचिका का जवाब देने को कहा गया है। बाजवा को मामले के संबंध में सार्वजनिक बयान नहीं देने को भी कहा गया है।” उन्होंने कहा कि पूछताछ के दौरान बाजवा ने पुलिस के साथ सहयोग किया। बाजवा की याचिका में कहा गया है, “याचिकाकर्ता गलत नीतियों के खिलाफ अपने लगातार रुख के कारण और साथ ही पंजाब राज्य में कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति के कारण लोगों की आंखों में खटक रहा है।” मोहाली के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में प्रताप सिंह बाजवा से छह घंटे तक पूछताछ की गई (फोटो | एक्सप्रेस)
पंजाब पुलिस ने विपक्ष के नेता बाजवा से ’50 बम’ वाले बयान पर पूछताछ की, कांग्रेस नेताओं ने धरना दिया

इसमें आगे कहा गया है कि याचिकाकर्ता द्वारा दिया गया बयान मीडिया में आई एक रिपोर्ट पर आधारित था और समुदाय के बीच किसी भी तरह की चिंता पैदा करने के इरादे से नहीं बल्कि सद्भावनापूर्वक दिया गया था। याचिका में दावा किया गया है, “याचिकाकर्ता के साथ राजनीतिक बदला लेने के लिए एफआईआर दर्ज की गई है। इस मामले में राजनीतिक प्रतिशोध की भावना साफ झलकती है।”

पंजाब पुलिस ने बाजवा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 197(1)(डी) (देश की संप्रभुता और एकता को खतरे में डालने वाली झूठी और भ्रामक जानकारी) और 353(2) (दुश्मनी और नफरत या दुर्भावना पैदा करने के इरादे से झूठे बयान) के तहत मामला दर्ज किया है। मंगलवार को मोहाली के साइबर पुलिस स्टेशन में उनसे छह घंटे तक पूछताछ की गई।

बाजवा ने अपनी पूछताछ को लगातार जारी पूछताछ बताया था और कहा था कि आप नीत सरकार द्वारा उन्हें निशाना बनाना राजनीतिक प्रतिशोध है।

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