पंजाब, 3 जुलाई, विधानसभा हलका जालंधर वेस्ट की राजनीति में मंगलवार को बड़ी उठापटक दिखी। तकड़ी के चिन्ह पर चुनाव लड़ रहीं सुरजीत कौर सुबह जहां अपने समर्थकों के साथ दिखीं, वहीं दोपहर 12 बजे उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान की मौजूदगी में आम आदमी पार्टी का दामन थाम लिया।
वे पूरे परिवार और समर्थकों के साथ आप में शामिल हुईं और मान ने सभी का स्वागत किया। इसके बाद रात आठ बजे शिरोमणि अकाली दल के बागी धड़े की वरिष्ठ नेत्री बीबी जगीर कौर के साथ प्रेस कांफ्रेंस कर उन्होंने शिअद में वापसी की घोषणा कर दी।
इस दौरान जहां उन्होंने आम आदमी पार्टी द्वारा उनके परिवार को गुमराह करने की बात कही, वहीं हलके में शिअद के लिए डटकर चुनाव लड़ने का भी एलान किया। पत्रकार वार्ता के दौरान एसजीपीसी की पूर्व अध्यक्ष बीबी जगीर कौर तथा पूर्व विधायक गुरप्रताप सिंह वडाला ने इस पर सुबह का भूला शाम को घर लौट आने का तर्क दिया।
शिअद ने बनाया था प्रत्याशी बाद में हो गई थी बगावत
बता दें कि पहले शिरोमणि अकाली दल ने सुरजीत कौर को अपना प्रत्याशी घोषित किया था। बाद में पार्टी में बगावत हो गई और शिअद ने सुरजीत कौर से समर्थन वापस ले लिया और समर्थकों को बसपा के लिए वोट करने को कहा।
हालांकि तब तक नामांकन प्रक्रिया पूरी हो गई थी और तकड़ी चुनाव चिन्ह सुरजीत कौर को अलाट हो गया था। इसके बाद से ही सुरजीत कौर निराश चल रही थीं और पहले भी शिअद हाईकमान को कह चुकी थीं कि उनका कोई दोष नहीं था। पार्टी बेवजह ही उनसे नाराज हो गई है।
आम आदमी पार्टी पर बहकाने का आरोप
घर वापसी की घोषणा के दौरान सुरजीत कौर ने कहा कि आम आदमी पार्टी के कुछ नेताओं ने उनके बेटे दीप सिंह को बहकाया था। इसी बहकावे में आकर बेटे ने उन्हें अपने साथ किसी बैठक में जाने को कहा। उन्हें नहीं पता था कि उन्हें मुख्यमंत्री भगवंत मान के पास लेकर जाया जा रहा है।
जैसे ही उन्हें मुख्यमंत्री के सामने खड़ा किया गया तो उन्होंने उनके गले में आम आदमी पार्टी की पट्टी डालकर उन्हें ज्वाइन करवाने का एलान कर दिया। उस समय वह कुछ नहीं बोल सकीं, लेकिन उसके बाद से लेकर वह दिन भर विचलित रहीं।
उनके पति दिवंगत जत्थेदार प्रीतम सिंह पार्टी के सच्चे सिपाही रहे थे और उनकी नस-नस में अकाली दल के लिए वफादारी थी। ऐसे में वह शिरोमणि अकाली दल को छोड़ने के बारे में सोच भी नहीं सकतीं। अब घर वापसी के बाद वह सुकून महसूस कर रही हैं।
आप ज्वाइन करने के बाद बोझ महसूस कर रही थीं सुरजीत- बीबी जगीर कौर
बीबी जगीर कौर ने कहा कि सोमवार रात 11 बजे तक उनके साथ पार्टी के पक्ष में प्रचार किया गया था। मंगलवार को उन्हें जैसे ही इस घटनाक्रम का पता चला तो उन्होंने सुरजीत कौर के साथ संपर्क किया। उनसे बात करते-करते सुरजीत कौर भावुक हो गईं।
सुरजीत कौर ने जब से आम आदमी पार्टी ज्वाइन की थी, वह मन पर बोझ महसूस कर रही थीं। उन्होंने सुरजीत कौर को हौसला दिया। सुरजीत कौर ने घर वापसी की इच्छा जाहिर की तो उन्होंने फिर से उन्हें गले लगा लिया है।


