मधुबनी (बिहार), 22 अप्रैल | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बिहार के मधुबनी जिले में राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के मौके पर आयोजित एक बड़े कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने राज्य को ₹13,480 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात दी और पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी।
अपने भाषण की शुरुआत पीएम मोदी ने मौन रखकर की। उन्होंने कहा, “आप जहां हैं, वहीं बैठकर 22 अप्रैल को जिन परिवारों ने अपने प्रियजन खोए हैं, उनके लिए कुछ पल मौन रखें।” इसके बाद पीएम मोदी ने आतंकवाद पर तीखा प्रहार करते हुए कहा, “आज बिहार की धरती से मैं पूरे विश्व को कहना चाहता हूं – भारत हर आतंकी और उसके सरपरस्तों को पहचान कर रहेगा, उनका पीछा करेगा और उन्हें सजा दिलाकर ही दम लेगा।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की आत्मा को आतंकवाद कभी नहीं तोड़ सकता। अब आतंकवाद को बख्शा नहीं जाएगा। “हम यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे कि न्याय हो। पूरा देश इस संकल्प में एकजुट है। मैं उन सभी देशों और नेताओं का धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने इस कठिन समय में भारत का समर्थन किया।”
पीएम मोदी ने पहलगाम हमले को लेकर देश की एकता और आक्रोश को भी उजागर किया। उन्होंने कहा, “किसी ने अपना बेटा खोया, किसी ने अपना भाई और किसी ने जीवनसाथी। कोई बांग्ला बोलता था, कोई कन्नड़, कोई मराठी, कोई ओड़िया, कोई गुजराती और कोई बिहार का लाल था। लेकिन कारगिल से कन्याकुमारी तक हर किसी का दर्द और आक्रोश एक समान है।”
प्रधानमंत्री ने दो टूक कहा कि यह हमला सिर्फ निहत्थे पर्यटकों पर नहीं, बल्कि भारत की आस्था पर किया गया दुस्साहस था। “अब समय आ गया है कि आतंकियों की बची-कुची जमीन को भी मिट्टी में मिला दिया जाए। जिन्होंने यह हमला किया और जिन्होंने इसकी साजिश रची, उन्हें उनकी सोच से बड़ी सजा दी जाएगी।”
प्रधानमंत्री का यह भाषण आतंकवाद के खिलाफ भारत की सख्त नीति और पूरे देश की एकजुटता का प्रतीक बनकर सामने आया है।


