नई दिल्ली, 22 जुलाई | फ्रांस का पेरिस शहर ओलंपिक के रंगों में रंग चुका है। पूरी दुनिया के खिलाड़ी इस खेल के महाकुंभ में भाग लेने के लिए पहुंच रहे हैं। भारत से इस बार विश्व पटल पर तिरंगा लहराने के लिए 117 खिलाड़ियों का जत्था पेरिस रवाना हो चुका है। इन 117 खिलाड़ियों में से 24 खिलाड़ी हरियाणा से हैं, जो अलग अलग खेलों में अपना जौहर दिखाएंगे।
मोहब्बत के शहर में 25 जुलाई को मेडल के महामुकाबले की शुरुआत होगी और प्रतियोगिता 11 अगस्त तक चलेगी। जिसमें 206 देशों के 10500 एथलीट हिस्सा लेंगे। राज्यों के हिसाब से सबसे अधिक 24 एथलीट हरियाणा से भाग ले रहे हैं। इसीलिए शायद हरियाणा को खिलाड़ियों का हब कहा जाता है। एथलेटिक्स में लंबे इंतजार के बाद नीरज चोपड़ा ने टोक्यो ओलंपिक में सबसे लंबी दूरी तक जैवलिन थ्रो करके विश्व पटल पर तिरंगा लहराया था। इससे पहले शूटिंग में अभिनव बिंद्रा ने गोल्ड मेडल जीता था।
इस बार भारत से खिलाड़ियों की संख्या कम भले है, लेकिन उम्मीदें कहीं ज्यादा हैं। क्योंकि बीते वर्षों के मुकाबले भारत में खेल और खिलाड़ियों के प्रति लोगों का रुझान बढ़ा है। जिसके मद्देनजर ने सरकार ने भी बेहतर खेल नीति बनाई है। जिसका मुजायरा एशियन गेम्स में देखने को भी मिला। भारत ने ओलंपिक, 2020 में 1 स्वर्ण, 2 रजत और 4 कांस्य सहित कुल 7 पदक जीते, जो किसी भी ओलंपिक में भारत की ओर से सर्वाधिक पदक हैं।
मेडल के सबसे बड़े दावेदार नीरज चोपड़ा
हरियाणा के खिलाड़ियों की संख्या पिछली बार से कम है। पिछली बार टोक्यो ओलंपिक में प्रदेश के 31 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। इनमें हरियाणा के हिस्से में एक स्वर्ण, एक रजत और दो कांस्य पदक हासिल किए थे। इस बार 24 खिलाड़ी ही हिस्सा ले रहे हैं। अधिक मेडलों की उम्मीदें हैं। ओलंपिक में भाला फेंक में देश को पहला गोल्ड मेडल दिलाने वाले नीरज चोपड़ा पदक के लिए सबसे बड़े दावेदार हैं। ओलंपिक के बाद भी हुई कई प्रतियोगिताओं में भी उनका प्रदर्शन दमदार रहा है। कई प्रतियोगिताओं में वह गोल्ड जीत चुके हैं। वह मेहनत से तैयारियों में जुटे हैं।