पंजाब के स्कूलों में अब विद्यार्थियों को जी-20 का संदेश दिया जाएगा। सुबह की प्रार्थना सभा में ही विद्यार्थियों को शिक्षक इस बारे में जागरूक करेंगे। यह आदेश शिक्षा विभाग ने जारी किए हैं। वहीं, जी-20 संबंधी जानकारी स्कूल की लाइब्रेरी में भी प्रदर्शित की जाएगी। स्कूल प्रिंसिपल आदेश लागू करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
इसके अलावा विभाग की टीमें औचक दौरा करके इन चीजों की समीक्षा भी करेंगी। शिक्षा विभाग के आदेश के मुताबिक देश के लिए यह खुशी की बात है कि हम जी-20 की प्रधानगी कर रहे हैं। समिट का आगाज 1 दिसंबर 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर चुके हैं। इस सम्मेलन में 20 देश हिस्सा ले रहे हैं।
साथ ही भारत के 200 शहरों में उक्त समागम करवाया जाना है। जी-20 के बारे में विद्यार्थियों को जागरूक करना एक अच्छा मौका है। इसके लिए शिक्षा मंत्रालय की तरफ से एक स्पेशल नोट तैयार किया गया है जो राज्य शिक्षा विभाग को भेजा गया है। हालांकि जो नोट शिक्षा विभाग ने तैयार किया है, उसमें प्रत्येक महत्वपूर्ण चीज को आकर्षक तरीके से प्रदर्शित किया गया है ताकि एक नजर में देखने से विद्यार्थियों को उक्त चीज समझ आ जाए।
वसुधैव कुटुम्बकम है प्रोग्राम की थीम
जी-20 के लिए सरकार ने लोगों तैयार किया है। इसका लोगो में कमल के फूल के ऊपर पृथ्वी को दिखाया गया है, जबकि इसी की थीम वसुधैव कुटुम्बकम है। जी-20 देश दुनिया की तिहाई जनसंख्या की अगुवाई करते हैं। जी -20 का कोई स्थायी अध्यक्ष नहीं होता है। हर साल इसकी अध्यक्षता अलग देश करता है।
भारत पहली बार 1 दिसंबर 2022 से 30 नवंबर 2023 के लिए जी-20 की अध्यक्षता करेगा। इस दौरान 200 से अधिक बैठकें आयोजित की जाएंगी। जी-20 की अध्यक्षता भारत के अमृतकाल की प्रतीक है। यह अमृतकाल देश की आजादी के 75वीं वर्षगांठ से शुरू होकर आजादी के 100वें साल तक की अवधि है।