नई दिल्ली, 17 जनवरी | पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कटौती की संभावनाओं को लेकर मीडिया रिपोर्ट्स सामने आई हैं। इन रिपोर्ट्स के अनुसार, लोकसभा चुनाव से पहले पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 10 रुपए तक की कटौती की जा सकती है।
इसकी वजह है कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट। एक साल में क्रूड ऑयल की कीमत में 12% की गिरावट आ चुकी है। इस दौरान ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने दामों को कम नहीं किया है।
आखिरी बार अप्रैल 2022 में पेट्रोल-डीजल के दाम घटाए गए थे। अभी देश के ज्यादातर हिस्से में पेट्रोल 100 रुपए और डीजल 90 रुपए प्रति लीटर से ऊपर बने हुए हैं।
कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के पास पेट्रोल और डीजल पर फिलहाल करीब 10 रुपए प्रति लीटर कमाई कर रही हैं। इस लिहाज से देखें तो उनके पास इनकी कीमतें कम करने की पर्याप्त गुंजाइश है।
सरकारें पेट्रोल-डीजल पर मोटा टैक्स वसूलती हैं। हमारे देश में पेट्रोल-डीजल का बेस प्राइज तो अभी 57 रुपए के करीब ही है। लेकिन केंद्र और राज्य सरकारें इस पर टैक्स लगाकर इसे 100 रुपए पर पहुंचा देती हैं।
इस पर केंद्र सरकार 19.90 रुपए एक्साइज ड्यूटी वसूल रही है। इसके बाद राज्य सरकारें इस पर अपने हिसाब से वैट और सेस वसूलती हैं, जिसके बाद इनका दाम बेस प्राइज से 2 गुना तक बढ़ जाता है।
भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें रोजाना तय होती हैं। इनकी कीमतों को निर्धारित करते समय अंतरराष्ट्रीय मार्केट में कच्चे तेल की कीमत, एक्सचेंज रेट, टैक्स, पेट्रोल-डीजल के ट्रांसपोर्टेशन का खर्च और बाकी कई चीजों को ध्यान में रखा जाता है।
यदि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 10 रुपए की कटौती होती है, तो आम लोगों को काफी राहत मिलेगी। इससे महंगाई भी कम होगी और अर्थव्यवस्था को भी फायदा होगा।
हालांकि, यह अभी तक सिर्फ एक संभावना है। सरकार और ऑयल कंपनियों की तरफ से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।