नई दि, 8 अगस्त | बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना फिलहाल भारत में हैं. उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित हिंडन एयरबेस के सेफ हाउस में रखा गया है. शेख हसीना के बांग्लादेश छोड़ने की कहानी के बारे में उनके बेटे सजीब वाजेद जॉय ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया है. सजीब ने कहा कि उनकी मां देश नहीं छोड़ना चाहती थीं. सजीब ने कहा कि उन्हें अपने परिवार को ढाका छोड़ने के लिए बहुत मिन्नतें करनी पड़ी.
‘भीड़ मार डालेगी मां’
सजीब ने बताया कि उन्होंने अपनी मां से कहा था कि भीड़ उन्हें मार डालेगी. सजीब ने डॉयचे वेल से कहा, ‘मैं इसलिए चिंतित नहीं था. क्योंकि वह बांग्लादेश छोड़ रही थीं, बल्कि इसलिए क्योंकि वह बांग्लादेश नहीं छोड़ना चाहती थीं. हमें उन्हें समझाना था. मैंने कहा कि यह अब कोई राजनीतिक आंदोलन नहीं है, यह एक भीड़ है. वे आपकी हत्या करने जा रहे हैं.’ सजीब वाजेद जॉय ने उन रिपोर्टों को खारिज कर दिया कि उन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका या यूनाइटेड किंगडम में शरण मांगी थी. उन्होंने कहा कि शेख हसीना कुछ समय के लिए दिल्ली में रुकेंगी।
‘एक दिन पहले ही इस्तीफे का फैसला ले लिया गया था’
शेख हसीना सोमवार को एक सैन्य विमान से ढाका से निकल गईं और गाजियाबाद के हिंडन हवाई अड्डे पर पहुंचीं. उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया. उनके देश छोड़ने के कुछ घंटों बाद, सरकारी नौकरियों में कोटा का विरोध कर रहे छात्रों की भीड़ ने उनके घर में तोड़फोड़ की. सजीब ने कहा, ‘इस्तीफा देने का फैसला एक दिन पहले ही ले लिया गया था. हालांकि, उनकी मां को इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ा. क्योंकि हजारों प्रदर्शनकारी उनके घर की ओर मार्च करने लगे. उन्होंने एक दिन पहले ही निर्णय ले लिया था.’
गणभवन की ओर बढ़ रही थी भीड़
सजीब ने कहा, ‘हममें से केवल कुछ ही लोग जानते थे कि वह घोषणा करेंगी कि वह इस्तीफा दे रही हैं और उन्होंने संविधान के अनुसार सत्ता परिवर्तन सुनिश्चित करने की योजना बनाई है. लेकिन जब वे (प्रदर्शनकारी) गणभवन की ओर मार्च करने लगे, तो हमने उनसे डर के मारे कहा, अब समय नहीं है तुम्हें जाना होगा.’ उन्होंने कहा कि उनकी मां ने भारत से दूसरी जगह जाने का फैसला नहीं किया है. उन्होंने कहा कि वह बहुत परेशान थी।
‘मां के साथ मेरी बहन हैं’
सजीब ने कहा, “शेख हसीना ठीक हैं और अब दिल्ली में हैं. मेरी बहन उनके साथ है। मेरी बहन दिल्ली में रहती है. वह ठीक हैं, लेकिन बहुत परेशान हैं.” विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को एक सर्वदलीय बैठक में कहा कि शेख हसीना सदमे की स्थिति में थीं और सरकार ने उन्हें अपनी योजनाओं पर चर्चा करने से पहले समय दिया था।


