जालंधर, 26 अक्टूबर जालंधर शहर के रहने वाले गुरप्रीत सिंह को पता चला कि अपने सपनों को पूरा करने और ज्यादा पैसे कमाने की चाह में विदेश जाने वाले लोग कैसे ठगे जाते हैं. भारत की युवा पीढ़ी ट्रैवल एजेंटों से धोखा खाकर लीबिया जैसे देशों में बंधुआ मजदूरी करने को मजबूर है। ऐसे ही एक बंधुआ मजदूर पंजाब के चंदर निवासी 29 वर्षीय गुरप्रीत सिंह लीबिया माफिया से भागकर वापस लौट आए। पंजाब.
लीबिया में एक गिरोह से बचकर घर लौटे गुरप्रीत सिंह ने बताया कि झांसी में रहने वाला उसका एक दोस्त उसे इटली में अच्छी नौकरी दिलाने का वादा कर लीबिया ले गया था. गुरप्रीत सिंह जो एक एजेंट के जरिए लीबिया पहुंचा था. उसने बताया कि 13 लाख रुपये देकर उसे वहां मजदूर बनाया गया था. गुरप्रीत के मुताबिक, पाकिस्तान और लीबिया के लोग मिलकर लीबिया में गैंग चला रहे हैं.
गुरप्रीत ने बताया कि लीबिया में काम करने वाले माफिया उनसे रोज़मर्रा का काम करवाते थे, अगर हम काम करने से मना करते थे तो हमें पीटा जाता था. गुरप्रीत ने बताया कि हरियाणा के एक युवक विक्रम सिंह सन्नी ने वहां दूतावास से संपर्क किया, जिसके बाद पुलिस ने उसे पकड़ लिया और जेल भेज दिया. विक्रम के प्रयासों के बाद सितारा भारती के साथ गुरप्रीत को लीबियाई माफिया से रिहा कराया गया और वे सभी वापस लौट आये. घर। गुरप्रीत ने बताया कि माफिया के लोग उन्हें बंधक बनाकर एक जगह से दूसरी जगह भेजते थे.