Wednesday, June 10, 2026
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पंजाब सरकार का बड़ा फैसला, पराली जलाने वाले किसानों को नहीं मिलेगा सरकारी योजना के तहत लोन

पंजाब, 8 नवंबर| पंजाब में पराली जलाने पर 264 किसानों की जमीनों पर रेड एंट्री हुई है। अब ये किसान भविष्य में किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं ले पाएंगे। यह किसान सब्सिडी से भी वंचित हो जायेंगे। जिन किसानों पर रेड एंट्री हुई है वह न तो अपनी जमीन गिरवी रख सकेंगे और न ही उस पर कर्ज ले सकेंगे।

इतना ही नहीं वे आगे जमीन भी नहीं बेच सकेंगे। पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी) के अध्यक्ष आदर्श पॉल विग ने स्वीकार किया कि 5 नवंबर तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, 264 किसानों की भूमि रिकॉर्ड में रैड एंट्री दर्ज की गई हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा लगातार जागरूकता फैलाने के बावजूद किसान अब भी परालीयों को आग लगा रहे हैं और  यह काफी चिंताजनक है। हालांकि, पिछले दो सालों की तुलना में इस साल पराली जलाने के मामलों में कमी आई है।

पिछले 10 दिनों में पंजाब में पराली जलाने में 27 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। पर्यावरण की सुरक्षा के मद्देनजर सरकार पिछले कई वर्षों से किसानों को पराली न जलाने के लिए जागरूक कर रही है। इस वर्ष भी किसानों को पराली प्रबंधन के लिए मशीनरी उपलब्ध कराई गई। इसके बावजूद किसान पराली जलाने से बाज नहीं आ रहे हैं।

मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। जिसके कारण फैल रहा प्रदूषण पंजाब के साथ-साथ दिल्ली के लोगों  के लिए भी मुसीबत बनता जा रहा है। पंजाब में जहां पराली जलाने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, वहीं सरकार दोषी किसानों के खिलाफ कार्रवाई करने से बिल्कुल नहीं कतरा रही है।

पीपीसीबी के आंकड़ों के मुताबिक, पराली जलाने पर अब तक 1694 किसानों का चालान किया गया है और उन पर 45.53 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। चेयरमैन आदर्श पॉल विग के मुताबिक कानून का उल्लंघन करने वाले किसी भी किसान को बख्शा नहीं जाएगा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि किसान पराली को आग न लगाएं, बल्कि उपलब्ध कृषि यंत्रों की सहायता से पराली का प्रबंधन कर पर्यावरण को बचाने में सरकार का सहयोग करें।

 

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